Thursday, 12 July 2012

जब तनाव से हों परेशान

 चित्र गूगल बाबा से साभार
कंप्यूटर और लैपटॉप पर लगातार काम करने से तनाव और सिरदर्द की समस्या होने लगती है। तनाव में रहने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, हाई ब्लड प्रेशर इत्यादि बीमारियां तनाव की ही देन हैं। खान-पान में कुछ बदलाव लाकर तनाव पर काबू पाया जा सकता है। आपको बता रहे हैं ऐसी ही चीजों के बारे में, जिनसे तनाव पर काबू पाया जा सकता है..
* केला : पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत है, जो दिमाग को ठंडा रखता है। तनाव को कम करने के लिए प्रतिदिन दो केले अवश्य खाएं।
* बाजरा : इसमें कैल्शियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आहार विशेषज्ञों के मुताबिक चिड़चिड़ाहट का कारण शरीर में कैल्शियम की कमी होती है। इसलिए बाजरे की रोटी अपने खाने में अवश्य शामिल करें।
* सेब : सेब में फॉस्फोरस और आयरन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यह तनाव को कम करने में काफी मददगार होता है। प्रतिदिन एक सेब जरूर खाएं। सेब खाने से शरीर में खून की मात्रा के साथ साथ हीमोग्लोबिन का स्तर भी बढ़ता है। साथ ही याददाश्त बढ़ती है।
* आंवला : इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। आंवला का मुरब्बा नियमित रूप से खाने से याददाश्त बढ़ती है। साथ ही चुस्ती-फुर्ती आती है। यह तनाव को घटाने में मददगार होता है। आंवले का जूस पीने से पेट की समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

स्रोत- दैनिक जागरण

Wednesday, 4 July 2012

कैसे मिले वर्कआउट से ज्यादा फायदा


अक्सर हम जब कोई कसरत करते हैं तो उसके पीछे हमारे शरीर की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। कोई वजन घटाने के लिए वर्कआउट करता है तो कोई शरीर बनाने के लिए, किसी के वर्कआउट की वजह बीमारी से बचाव होता है तो किसी के लिए फिटनेस के प्रति सजगता। 

वर्कआउट तभी पूरा फायदा पहुंचाते हैं जब व्यायाम के 30 से 45 मिनट के भीतर कुछ डाइट ली जाए। लेकिन क्या आपको पता है कि जैसे अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग-अलग वर्कआउट्स हैं, उसी तरह इनके साथ ली जाने वाली डाइट भी अलग-अलग होती है। 

डाइट का निर्धारण वर्कआउट के दौरान शरीर की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। तो जानिए, अलग-अलग वर्कआउट के लिए सही डाइट पर डाइटि‌शियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट स्नेहा राय के खास टिप्स।

कार्डियो एक्सरसाइज 
जब हम सैर या जॉगिंग जैसी कार्डियो एक्सरसाइज करते तो उसके पहले एक हल्की डाइट लेनी जरूरी है जिससे शरीर का शुगर लेवेल संतुलित रहे। इस डाइट में 75 से 100 प्रतिशत तक कार्बोहाइड्रेट होना जरूरी है। बेहतर होगा वर्कआउट से पहले फलों का जूस पीएं। 

वर्कआउट के बाद केला, सेब, संतरा, गाजर, किवी जैसे फल या कोई एनर्जी ड्रिंक जरूर लें। दही, चॉकलेट मिल्क, उबले अंडे, मीट जैसी प्रोटीन से भरपूर डाइट आप वर्कआउट से थोड़ी देर पहले ले लें। 

वर्कआउट के बाद कार्बोहाइड्रेट की जरूरत शरीर को ज्यादा होती है इसलिए अंडे के सफेद भाग के साथ आलू या ओट्स के साथ चॉकलेट मिल्क का सेवन करें। 

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज
अगर आप वर्कआउट के बेहद शौकीन हैं और फिटनेस बरकरार रखने के लिए हेवी एक्सरसाइज यानी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज करते हैं तो आपकी डाइट बहुत अलग होगी। ऐसे में आपकी डाइट में 75 प्रतिशत तक कार्बोहाइड्रेट और 25 प्रतिशत तक प्रोटीन होना बहुत जरूरी है। 

हेवी वेट लिफ्टिंग के तीस मिनट के भीतर कुछ खाना बहुत जरूरी है क्योंकि कार्बोहाइड्रेट मांसपेशियों में हुई ग्लाइकोजन की कमी को पूरा करता है। हां, यह जरूर ध्यान रखें कि आपकी कार्बोहाइड्रट्स युक्त डाइट बहुत अधिक फैटी न हो।

वर्कआउट के पहले केले, उबले अंडे का सफेद भाग, सोया, बेरी, चिकन सलाद, फलों का रस, नट्स, ऑलिव्स आदि ले सकते हैं जबकि वर्कआउट के बाद कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाली डाइट ले सकते हैं, मसलन चावल के साथ चिकन, अंडे का सफेद भाग, मछली या सफेद ब्रेड आदि। 

बच्चों का वर्कआउट
बच्चों के लिए वर्कआउट के बाद डाइट का निर्धारण इस तरह करें कि उसमें 45 से 65 प्रतिशत तक कार्बोहाइड्रेट हो, 10 से 20 प्रतिशत प्रोटीन और 20 से 30 प्रतिशत फैट्स। 

वर्कआउट से पहले बच्चों को मीट, मछली, फुल क्रीम दूध, फाइबर युक्त दाल व अंकुरित अनाज, टोफू, आलू, शकरकंद, अरबी आदि दे सकते हैं। बच्चों को सैच्युरेटेड फैट वाला भोजन या बहुत नमक वाला भोजन न दें। 

गर्भवती महिलाओं का वर्कआउट
गर्भावस्था में महिलाओं को बहुत सेहतमंद डाइट की जरूरत होती है। अगर इस दौरान वे वर्कआउट करती हैं तो उनकी डाइट पर ध्यान देना और भी जरूरी है। उनकी डाइट में हरी और पत्तेदार सब्जियां सबसे जरूरी हैं जैसे बंदगोभी, टिंडा, साग आदि। 

राजमा, मटर और चना रात में न लें। गुड़, घी, मक्खन के अलावा केला, आम, मेवे आदि का सेवन उनके लिए फायदेमंद है। भोजन में जरूरी है कि वे खिचड़ी, दलिया, पराठे, ढोकले आदि का सेवन करें। इस दौरान फ्रोजन फूड, पॉश्च्युराइज्ड फूज आदि से बचें।

Wednesday, 27 June 2012

शहद में है बड़े गुण

 चित्र गूगल बाबा से साभार 

शहद के बारे में आपने बहुत सी बातें सुनी और पढ़ी होंगी। घरेलू नुस्खों में तो अकसर शहद का जिक्र आ जाता है। आखिर आए भी क्यों न, गुणों के साथ मिठास का खजाना यदि किसी पदार्थ में मिलता है तो वह शहद ही है। वैसे तो शहद हर मौसम में लाभकारी रहता है, लेकिन गर्मी के मौसम में तो इसका कहना ही क्या। रोग प्रतिरोधक गुणों के चलते शहद न सिर्फ सेहत बनाता है, बल्कि रूप-रंग में भी निखार लाता है। हाल ही में जर्मनी हुए एक अध्ययन के अनुसार शहद में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेट तत्व शरीर की कोशिकाओं को क्षीण होने से बचाते है। शायद यही कारण था कि पुराने जमाने में लोग शहद का भरपूर मात्रा में सेवन करते थे। आज भी अरब देशों मे लोग अपने को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से शहद का खूब सेवन करते है। अध्ययन के अनुसार शहद में काफी मात्रा में कैलोरी भी पाई जाती है। यह सेहत के लिए मुफीद मानी जाती है। यही नहीं शहद में मिलने वाले कई अन्य तत्व हृदय रोगों से भी लड़ने की शक्ति देते है।
स्रोत: दैनिक जागरण

Tuesday, 5 June 2012

Choose the right sports bra



Ladies, when you gear up to work out, you’ll need a sports bra that is comfortable, won’t chafe, and will protect your breasts from the wear and tear of (even a little) bouncing — which can break down ligaments in the breast tissue and cause sagging.
When shopping for a bra, think about what sports you’ll be participating in. High-impact sports such as running and aerobics require high-impact bras that keep your breasts firmly in place, even for smaller busted women. For activities such as cycling or yoga, you’ll still want support, but less so, and a bra that offers a full range of motion for your arms and shoulders.
Getting a proper fit is vital. Talk to a specialist in a major department store or a bra boutique, or try visiting some lingerie websites for advice and suggestions. Like regular bras, ordering a new sports bra online is a tricky process, especially if you have a larger bosom or a hard-to-fit size. So, it’s best to visit a shop, select the right bra, and then perhaps buy replacement bras online once you find your favourites.
Many sports bras aim for a compression effect — pressing your breasts together to control movement, which can result in an unflattering uni-boob look or be uncomfortable.
Other options include encapsulation bras, which lift, separate and create shape with supportive cups or underwire. Try a variety of styles to see what works best for you, but look for thick, cushioned shoulder straps for support and comfort, a gelpadded hook, and moisturewicking fabrics.

Source- Hindustan Times